नई मेडिकल नीति: कोविड के विशेष अस्पतालों में भर्ती हल्के, बहुत हल्के और पूर्व-रोगसूचक मामलों के मरीजों की नियमित तापमान लेने और नब्ज की निगरानी जारी रहेगी, ऐसे मरीजों को लक्षण प्रकट होने के दिन से 10 दिन बाद छुट्टी मिल जाएगी
क्षितिज भास्वर, विशेष संवाददाता/नई दिल्ली

नई डिस्चार्ज पॉलिसी के मुताबिक एडमिट कोरोना संक्रमित मरीज में अगर कोई लक्षण नहीं दिख रहे और तीन दिन तक बुखार नहीं होता है तो 10 दिन में डिस्चार्ज किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले कोरोना के मरीजों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अपनी मेडिकल नीति में बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब गंभीर मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले रोगियों की ही आरटी-पीसीआर प्रक्रिया से जांच होगी। जबकि संक्रमण के कम असर वाले, मध्यम असर वाले और प्री सिम्टोमैटिक मामलों में मरीज को छुट्टी देने से पहले जांच की अब जरूरत नहीं रहेगी।
कल तक था यह नियम
नया नियम क्या है
परिवर्तित नीति में कहा गया है कि कोविड के विशेष अस्पतालों में भर्ती हल्के, बहुत हल्के और पूर्व-रोगसूचक मामलों के मरीजों की नियमित तापमान लेने और नब्ज की निगरानी जारी रहेगी। ऐसे मरीजों को लक्षण प्रकट होने के दिन से 10 दिन बाद छुट्टी मिल जाएगी। हालांकि इन मरीजों को घर में 14 दिन आइसोलेशन की सलाह दी जाएगी।
ऐसे रोगी को दस दिन में छुट्टी मिलेगी
नियमों के मुताबिक कोरोना के गंभीर मरीजों जिनमें कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के एएचआइवी रोगी, अंग प्रत्यारोपण कराने वाले और कैंसर जैसे लक्षण वाले मरीज होंगे उन्हें आरटी-पीसीआर से एक बार निगेटिव जांच रिपोर्ट मिलने के बाद छुट्टी दी जाएगी। मध्यम तीव्रता के मरीजों के शरीर के तापमान और शरीर को आक्सीजन की जरूरत की क्षमता को परखा जाएगा। मरीज का बुखार यदि तीन दिन में उतर जाता है और अगले चार दिन तक (ऑक्सीजन की सहायता के बिना) 95 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखता है तो इस तरह के रोगी को दस दिन में छुट्टी मिल जाएगी।टेलीकांफ्रेंस से उसके स्वास्थ्य का हाल जाना जाएगा














